मेरठ ‘सांप कांड’ में बड़ा खुलासा, पति की हत्या के लिए एक साल तक बनती रही साजिश

0
6a5ae809dd525-meerut-wife-conspired-lover-to-murder-husband-bitten-with-snake-184212383-16x9

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ‘सांप कांड’ की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि मामले की मुख्य आरोपी दामिनी पिछले करीब एक वर्ष से देशभर में पतियों की हत्या से जुड़े चर्चित मामलों का अध्ययन कर रही थी और उसी आधार पर कथित रूप से अपने पति की हत्या की योजना तैयार की गई।
जांच के अनुसार, दामिनी इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न चर्चित आपराधिक मामलों की जानकारी जुटाती थी। वह यह समझने का प्रयास कर रही थी कि ऐसे मामलों में आरोपी किन कारणों से पुलिस की गिरफ्त में आए और उनसे बचने के लिए क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि इस दौरान उसने कई चर्चित मामलों का अध्ययन किया और उसी के आधार पर कथित साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, दामिनी और उसके पति अतुल की पहली मुलाकात वर्ष 2018 में हस्तिनापुर क्षेत्र में हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुए और वर्ष 2019 में उन्होंने प्रेम विवाह किया। जांच के दौरान दामिनी ने आरोप लगाया कि विवाह के कुछ समय बाद पति का व्यवहार बदल गया था और उनके बीच विवाद रहने लगा था। इसी दौरान उसकी नजदीकियां तुषार नामक युवक से बढ़ीं।
पुलिस का दावा है कि दामिनी और तुषार ने करीब एक वर्ष पहले ही अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनानी शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि मौत को सामान्य सर्पदंश का रूप देने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, अतुल को पहले नींद की दवा दी गई और बाद में जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया, ताकि घटना स्वाभाविक प्रतीत हो।
हालांकि, प्रारंभिक जांच में ही कई परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि एक जहरीला सांप घर के भीतर पहुंचकर सीधे बंद कमरे तक कैसे पहुंचा। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस ने कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की, जिसमें दामिनी और तुषार के बीच लगातार संपर्क होने की जानकारी मिली। तुषार के मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक डिब्बे में बंद सांप की तस्वीर बरामद होने का दावा किया गया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस सपेरे सोनू तक पहुंची।
पूछताछ में सपेरे सोनू ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपने सहयोगी के साथ मिलकर करैत सांप पकड़कर उपलब्ध कराया था। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की साजिश का खुलासा हुआ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »