यूपी में बिजली बिल घटने की उम्मीद, ईंधन अधिभार पर आयोग सख्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। बिजली बिलों में जोड़े गए 10 प्रतिशत ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीए) को लेकर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है।
जानकारी के अनुसार, आयोग ने प्रथम दृष्टया इस अधिभार की वसूली को नियमों के अनुरूप न मानते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) से सात दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।
गौरतलब है कि पावर कॉर्पोरेशन ने मार्च माह के बिजली बिलों में 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार वसूलने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग में लोक महत्व का प्रस्ताव दाखिल कर इस वसूली को चुनौती दी थी।
उपभोक्ता परिषद का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
अब आयोग के अंतिम निर्णय पर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की नजरें टिकी हैं। यदि आयोग इस वसूली को अवैध ठहराता है तो उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है और बिजली बिलों से 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार हटाया जा सकता है।
