सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर हाईकोर्ट का फैसला….
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी भूमि और सार्वजनिक स्थलों से अवैध रूप से किये गये 90 दिनों के भीतर हटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
यदि ग्राम प्रधान, लेखपाल या राजस्व अधिकारी समय रहते अतिक्रमण की सूचना देने या हटाने में नाकाम रहते हैं तो इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत अपराधिक विश्वासघात माना जाएगा और विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
