जिला प्रशासन पर उन्नाव के लोग भड़के: जनता दर्शन के नाम पर भ्रष्टाचार और रूढ़ नियमों की धज्जियाँ
उन्नाव — मुख्यमंत्री जी के निर्देशित जनता दर्शन आम जनमानस की समस्या समाधान की अधिकारी उड़ा रहे हैं धज्जियां
जिले का जनता दर्शन को अधिकारियों ने बनाया मजाक
आम जनमानस का नहीं है कोई सुनने वाला
कलेक्ट्रेट के अधिकारियों का तो यह हाल है कि कुछ कार्यालय के ताले 11:30 बजे खुलते हैं
सदर तहसील में अधिकारी तो छोड़ो लेखपाल तक के नहीं होते हैं दर्शन
योगी जी का नहीं रहा भय जनता दर्शन की आड़ में अधिकारी स्वता खुली वसूली करते हैं कच्छ में
राजस्व परिषद के नियम व कानून की कैसे उधेडिनी है बखिया यह लक्ष्मी जी करेंगी तय
आम जनमानस की मानी जाए तो वह बताते हैं कि तीन-चार दिन जब लगातार चक्कर लगाओ तो पता चलता है कि अधिकारी महोदय अपने कच्छ में बैठे हैं और हम लोगों को यह बता दिया जाता है की मीटिंग चल रही है जबकि सच्चाई यह होती है कि अंदर बड़े-बड़े लोग व भुमाफियाओं का रहता है जमवाड़ा हम लोगों को या कहकर बाहर बैठा दिया जाता है कि जब मीटिंग खत्म होगी साहब की तब साहब से प्रार्थना पत्र लेकर मिलना और तब तक आम जनमानस की बारी आए आए तब तक भूमाफियाओं का निपटारा कर साहब क्षेत्र में दौडा य डीएम साहब का हवाला दे कार्यालय से निकल जाते हैं फिर कल आना यह कल कब आता है कोई भरोसा नहीं और तो और यहां तक कुछ आम जनमानस ने यहां तक बताया कि साहब के कच्छ में उन्हीं लोगों को बुलाया जाता है जो माया का आदान-प्रदान कर सके गरीबों की कोई जगह नहीं कानून का कोई महत्व नहीं सूत्र बताते हैं कि चढ़ावा दो अपना काम कराओ लोगों की माने तो अधिकारियों ने अपना इतना स्तर नीचे गिरा दिया है की बताते हैं कि कच्छ मैं ही स्वता ही लेनदेन कर लेते हैं आम जनमानस के लिए न्याय मिल पाना ऐसे में क्या संभव है छोटा आदेश कराओ या बड़ा आदेश कराओ हमें लक्ष्मी दिखाओ । हम आदेश तो आदेश नजीर तक बदल देंगे नए कानून बनाने तक का दे देते हैं अधिकारी वचन।
