श्रमिकों के हक में बड़ा फैसला: 10 तारीख तक वेतन देना होगा अनिवार्य
जिले के श्रमिकों को राहत देते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों के अनुसार अब सभी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को हर महीने की 10 तारीख तक श्रमिकों का वेतन देना अनिवार्य होगा।
डीएम के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी श्रमिक से ओवरटाइम कराया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से भुगतान किया जाएगा। साथ ही, वेतन में किसी भी प्रकार की अवैध कटौती को दंडनीय माना जाएगा। श्रमिकों को सैलरी स्लिप देना भी अब अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
इसके अतिरिक्त, त्योहारों के अवसर पर श्रमिकों को बोनस देने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह बोनस अधिकतम 30 नवंबर तक सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजना होगा।
श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक समर्पित कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। डीएम मेधा रूपम ने श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
