बिजनौर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ से परेशान महिला ने दी जान, साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में साइबर अपराध का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां ‘डिजिटल अरेस्ट’ से परेशान होकर मोनिका नाम की महिला ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि साइबर ठगों ने कई दिनों तक उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और पैसे भी अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
परिजनों के अनुसार, मोनिका पिछले कई दिनों से काफी तनाव में थी। उसकी बेटी ने बताया कि घटना से पहले रात में वह बेहद परेशान थी और कुछ लिख रही थी, जो बाद में सुसाइड नोट निकला।
सुसाइड नोट में मोनिका ने अपने पति और परिवार से माफी मांगते हुए लिखा कि एक युवक उसे लंबे समय से परेशान कर रहा था और ब्लैकमेल कर रहा था। उसने अपने बच्चों का ख्याल रखने की अपील भी की।
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब मोनिका का अंतिम संस्कार हो रहा था, उसी दौरान उसका फोन बजा और उठाने पर वीडियो कॉल में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नजर आया, जिससे साइबर ठगी के एंगल को और बल मिला है।
जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने करीब 10 दिनों तक उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा, लगातार डराया-धमकाया और उससे पैसे भी ऐंठे।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करने की जरूरत है।
