लखनऊ में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का खुलासा, 21 लाख की दवाएं बरामद
लखनऊ- राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अमीनाबाद स्थित एक अवैध गोदाम से भारी मात्रा में संदिग्ध एवं नकली दवाएं बरामद की गई हैं। बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई जा रही है।
जांच के दौरान अधिकारियों को दवाओं के लेबल पर प्रिंटिंग और स्पेलिंग संबंधी कई त्रुटियां मिलीं, जिससे इनके नकली होने की आशंका और मजबूत हुई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इन दवाओं की सप्लाई राजस्थान से की जा रही थी।
मामले में मुख्य आरोपी भूपेंद्र शर्मा समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में रंजीत सिंह, राज विक्रम और अमन कसौंधन के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।

कार्रवाई के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी बिना बिल के कम कीमत पर दवाएं खरीदकर उन्हें बाजार में बेच रहे थे। इससे न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा था, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।
उधर, गोंडा में भी एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं के अवैध भंडारण का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने वहां से बरामद दवाओं की जांच शुरू कर दी है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 27 संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। शेष बरामद दवाओं को सील कर सुरक्षित रख लिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि नकली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
