10-10 रुपये जोड़कर रची सेवा की कहानी, भिखारी की दरियादिली
कड़कड़ाती ठंड में जहां लोग खुद को बचाने में जुटे हैं, वहीं एक भिखारी ने गरीबों की तकलीफ देख उनसे मुंह नहीं मोड़ा। इस भिखारी ने ठंड से जूझ रहे 500 जरूरतमंद लोगों को गर्म कंबल बांटकर मानवता की मिसाल पेश की।
खुद भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले इस दिव्यांग व्यक्ति ने 10-10 रुपये जोड़कर पैसे जमा किए थे। हैरानी की बात यह है कि उसने यह रकम अपने लिए खर्च न कर गरीबों और बेसहारा लोगों की सेवा में लगा दी।
इस भिखारी का यह नेक कदम उन संपन्न लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो मदद करने में पीछे हट जाते हैं। यह प्रेरणादायक मामला पंजाब के पठानकोट जिले का है, जहां इस व्यक्ति की दरियादिली की हर ओर सराहना हो रही है।
