भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पर सख्त हुए ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव
लखनऊ में भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने गोखले मार्ग स्थित मध्यांचल मुख्यालय पहुंचकर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में लेसा के अधिशासी अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने राजधानी में ट्रिपिंग विहीन और उच्चस्तरीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजधानी होने के कारण लेसा अधिकारियों की जिम्मेदारी अधिक महत्वपूर्ण है और जो अधिकारी कार्य करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें हटाया जाए।
बैठक में मुख्य अभियंताओं ने बताया कि गोमती नगर, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और अमौसी क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में विद्युत सामग्री, अनुरक्षण वाहन और कार्मिक उपलब्ध हैं। गर्मी को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर निगरानी बढ़ाई गई है तथा वाट्सएप ग्रुप बनाकर पेट्रोलिंग और त्वरित सूचना व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्य अभियंता जानकीपुरम ने जानकारी दी कि कुछ क्षेत्रों में रात 10 बजे के बाद अचानक लोड बढ़ने से फ्यूज सेट बार-बार डैमेज हो रहे हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इन क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने के प्रयास तेज किए गए हैं और उपभोक्ताओं को भी स्थिति की जानकारी दी जा रही है।
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सही क्षमता के फ्यूज लगाने के निर्देश दिए ताकि ट्रांसफार्मर खराब होने से बचाए जा सकें। उन्होंने कहा कि गलत फ्यूज के कारण ट्रांसफार्मर डैमेज होने पर लंबे समय तक बिजली बाधित हो सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग हो रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान तेज किया जाए। साथ ही अधिकारियों को उपभोक्ताओं के फोन उठाने और उन्हें बिजली बाधित होने के कारणों की पूरी जानकारी देने को कहा गया।
डॉ. गोयल ने मीडिया और जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिजली बाधित होने की स्थिति में समय पर सही जानकारी साझा की जाए ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
बैठक में नितीश कुमार, रिया केजरीवाल सहित निदेशक, मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
