पतंजलि का देसी घी लैब टेस्ट में फेल — खाने लायक नहीं, कंपनी पर ₹1.40 लाख जुर्माना
पिथौरागढ़ (उत्तराखंड): बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की पतंजलि आयुर्वेद कंपनी एक बार फिर विवादों में है। पिथौरागढ़ जिले में बेचे जा रहे पतंजलि का देसी गाय का घी गुणवत्ता जांच में पूरी तरह फेल पाया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे खाने योग्य नहीं बताया है।
खाद्य विभाग की रिपोर्ट: घी स्वास्थ्य के लिए खतरा
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि:
घी मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं है
इससे बीमारी और गंभीर साइड इफेक्ट्स होने का खतरा है
घी में फैट और अन्य तत्व निर्धारित मानकों से कम या असंतुलित पाए गए
इसके चलते इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित (Unsafe) घोषित किया गया।
दो स्तर की लैब जांच में फेल
खाद्य विभाग ने सैंपल को दो प्रमुख लैब्स में जांच के लिए भेजा था—
- प्रदेश स्तरीय लैब, रुद्रपुर (Uttarakhand State Laboratory)
- राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला, गाजियाबाद (National Food Lab)
दोनों ही लैब्स में घी फेल पाया गया और इसे निर्धारित FSSAI मानकों के विपरीत बताया गया।
कंपनी पर ₹1.40 लाख का जुर्माना
गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा विभाग की अदालत ने:
पतंजलि पर ₹1,40,000 का जुर्माना लगाया
कंपनी को चेतावनी जारी की
बताया कि खराब गुणवत्ता के इस घी को बाजार में बेचकर उपभोक्ताओं को खतरे में डाला गया
फेल सैंपल को बाद में पास करने की प्रक्रिया
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अधिकारियों द्वारा फेल सैंपल को तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पास किया जाएगा, लेकिन यह केवल रिकॉर्ड अपडेट के लिए होगा।
खाद्य विभाग ने साफ किया कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर घी को असुरक्षित घोषित किया गया है।
उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि:
पिथौरागढ़ व आसपास के इलाकों में खरीदा गया पतंजलि घी न उपयोग करें
अगर किसी ने खरीदा है तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं
संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी तुरंत खाद्य विभाग को दें
