खुद घायल, फिर भी नहीं डगमगाए! 180 यात्रियों की सुरक्षा के लिए डटे रहे कैप्टन स्मित
फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की कहानी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के दौरान सह-पायलट द्वारा कथित चाकू से हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मदद जुटाने के लिए कदम उठाए।
गुजरात मूल के कैप्टन स्मित के पास बोइंग 737 विमान उड़ाने का 13 साल से अधिक का अनुभव बताया गया है। वह फ्लाईदुबई में पिछले चार साल से कमांडर के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले वह स्पाइसजेट में भी काम कर चुके हैं।
घायल होने के बावजूद दिखाई सूझबूझ
रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद कैप्टन स्मित ने विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर केबिन क्रू से मदद मांगी। इसके बाद हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली। इस घटनाक्रम ने विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।
बहादुरी की हो रही सराहना
कैप्टन की हिम्मत और संकट के समय सूझबूझ की सराहना की जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया का भी खबर में उल्लेख किया गया है।
संकट की घड़ी में धैर्य और जिम्मेदारी निभाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को सलाम!
