तीन तलाक पर शिया संगठनों का विरोध, मौलाना यासूब अब्बास का बड़ा बयान
लखनऊ– शिया मुसलमानों के तीन तलाक को लेकर हो रही कानूनी कार्रवाई के विरोध में अफ़हाम-ए-ज़मा सोसाइटी द्वारा शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान शिया संगठनों ने तीन तलाक से जुड़े मामलों में शिया शरीयत की अनदेखी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
इस मौके पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुछ मौलवी शरीयत को धंधा बना चुके हैं और पैसे लेकर बिना दोनों पक्षों को सुने तलाक और खुला पढ़ा रहे हैं, जो कि शिया शरीयत के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गलत परंपराओं को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मौलाना यासूब अब्बास ने यह भी साफ किया कि शिया शरीयत में तलाक के लिए दो गवाहों की मौजूदगी अनिवार्य है और इसके बिना दिया गया तलाक मान्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि शिया समाज को गुमराह करने वाली प्रथाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड इस गंभीर विषय पर शीघ्र ही एक अहम बैठक आयोजित करेगा, जिसमें आगे की रणनीति और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
